यूजेवीएन लिमिटेड की 132वीं बोर्ड बैठक: लखवाड़ और सेला-उर्थिंग समेत कई बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को मिली वित्तीय व प्रशासनिक मंजूरी
देहरादून | 12 जनवरी, 2026
उत्तराखंड के मुख्य सचिव और यूजेवीएन लिमिटेड के अध्यक्ष आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में निगम के निदेशक मंडल की 132वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं के बजट, डिजाइन और पुनर्गठन के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
परियोजनाओं के लिए तकनीकी विशेषज्ञ समूह का गठन
बैठक में नई परियोजनाओं के तकनीकी आकलन और मार्गदर्शन के लिए एक ‘विशेषज्ञ तकनीकी समूह’ के गठन का निर्णय लिया गया। यह समूह मुख्य रूप से निम्नलिखित परियोजनाओं पर कार्य करेगा:
सेला-उर्थिंग परियोजना: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 114 मेगावाट की इस परियोजना के तकनीकी डिजाइन और क्रियान्वयन में यह समूह सुझाव देगा।
मोरी-त्यूनी परियोजना: 102 मेगावाट की इस परियोजना के लिए परामर्शदात्री सेवाएं लेने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।
इन प्रमुख प्रस्तावों पर लगी मुहर
बैठक में निगम के परिचालन और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए:
लखवाड़ परियोजना: 300 मेगावाट क्षमता वाली इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के विद्युत यांत्रिक कार्यों हेतु संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
त्यूनी प्लासु परियोजना: 72 मेगावाट की इस परियोजना में उपकरणों की स्थापना के लिए निविदा (Tender) आमंत्रित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली।
तांकुल परियोजना: पिथौरागढ़ की 12 मेगावाट की इस परियोजना के सिविल डिजाइन के लिए वित्तीय मंजूरी दी गई।
उर्गम परियोजना: चमोली स्थित 3 मेगावाट की इस लघु जलविद्युत परियोजना के पुनरोद्धार (Revival) हेतु डीपीआर और निवेश योजना को अनुमति मिली।
उत्पादन लक्ष्य से आगे चल रहा है यूजेवीएन
निदेशक मंडल के समक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 के विद्युत उत्पादन का विवरण रखा गया। आंकड़ों के अनुसार, यूजेवीएन के विद्युत गृह अपने तय लक्ष्य से 84 मिलियन यूनिट आगे चल रहे हैं, जो राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इसके अतिरिक्त, बोर्ड ने सौर परियोजनाओं और बैटरी स्टोरेज टैरिफ से जुड़े मामलों पर नियामक आयोग में समीक्षा याचिका दायर करने की भी मंजूरी दी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मिनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, यूजेवीएन के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल, इदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी और निदेशक परिचालन ए.के. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
