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देहरादून गेस्ट हाउस प्रकरण पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग सख्त

 

देहरादून गेस्ट हाउस प्रकरण पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग सख्त

नाबालिग की सुरक्षा सर्वोपरि, पूरे प्रदेश में सख्त निगरानी के निर्देश

देहरादून। शिमला बाईपास क्षेत्र स्थित एक गेस्ट हाउस में नाबालिग लड़की के संदिग्ध अवस्था में मिलने के गंभीर प्रकरण पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है तथा नाबालिग की सुरक्षा, काउंसलिंग और परिजनों को हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नाबालिग से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने एसपी सिटी को निर्देशित किया है कि आरोपी के विरुद्ध सख्त कानूनी धाराओं में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जाए तथा गेस्ट हाउस प्रबंधन की भूमिका की भी गहन जांच की जाए।

 

महिला आयोग ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी होटल, गेस्ट हाउस एवं ठहरने के स्थलों पर पहचान पत्र जांच, आगंतुक पंजिका (रजिस्टर) का संधारण तथा उसके नियमित निरीक्षण को सख्ती से लागू किया जाए। साथ ही संबंधित स्थलों पर पुलिस सहायता एवं महिला हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

आयोग ने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इस प्रकरण में संलिप्त सभी व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। आयोग पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

 

आयोग अध्यक्ष ने यह भी जानकारी दी कि राज्य के समस्त जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए जाने की तैयारी की जा रही है, ताकि होटल, गेस्ट हाउस, रात्रि विश्राम गृह एवं अन्य ठहराव स्थलों पर नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित किया जाए।

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