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यूपी में नौकरियों की बहार: सीएम योगी का बड़ा ऐलान, इस साल होगी 1.5 लाख से अधिक पदों पर भर्ती

लखनऊ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा ऐलान किया। लोक भवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में यूपी सरकार ने 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब प्रदेश में नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो रही हैं और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है।

इस वित्तीय वर्ष (2026-27) में 1.5 लाख नई भर्तियां
मुख्यमंत्री ने आगामी भर्तियों का रोडमैप साझा करते हुए बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में डेढ़ लाख से अधिक रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसमें:

अधीनस्थ चयन आयोग: 32 हजार से अधिक नियुक्तियां।

लोक सेवा आयोग (UPPSC): लगभग 15 हजार भर्तियां।

 

पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर ‘आजीवन कारावास’ का वार
भर्ती परीक्षाओं में शुचिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने कड़े संदेश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब सेंधमारी करने वालों के लिए सख्त कानून बना दिया गया है। अगर कोई भी व्यक्ति परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा, तो उसे न केवल आजीवन कारावास की सजा मिलेगी, बल्कि उसकी पूरी संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी।

‘बीमारू राज्य’ से ‘पारदर्शी प्रदेश’ का सफर
वर्ष 2017 से पहले की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए CM योगी ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाओं में भेदभाव और बेईमानी का बोलबाला था। अपात्र लोग और फर्जी डिग्री वाले आयोगों के चेयरमैन बन जाते थे, जिसके कारण न्यायालय को बार-बार दखल देना पड़ता था। उन्होंने कहा, “आज का युवा उस दौर से अनजान है, लेकिन अब बिना किसी भेदभाव के मेरिट के आधार पर नियुक्तियां हो रही हैं।”

स्वास्थ्य और औषधि विभाग को मिली नई ताकत
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने निम्नलिखित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे:

357 कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि): इनके आने से विभाग की क्षमता 44 से बढ़कर 401 हो गई है।

252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानी (Dental Hygienists): चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि खाद्य सुरक्षा विभाग में जल्द ही 417 कनिष्ठ विश्लेषकों (खाद्य) की भर्ती प्रक्रिया भी संपन्न की जाएगी। प्रदेश में अब लैब की संख्या 5 से बढ़कर 18 हो गई है, जिससे मिलावटखोरी पर लगाम कसने में आसानी होगी।