“छत तक पहुंचे पर नहीं मिली जिंदगी”: सीढ़ियों पर मिलीं जली हुई लाशें, अगर दरवाजा खुला होता तो बच जातीं 9 जानें
विवेक विहार अग्निकांड: मौत की सीढ़ियां! अगर छत का दरवाजा खुला होता, तो शायद बच सकती थीं नौ जानें
नई दिल्ली (विवेक विहार): पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के हुए एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में लगी इस भीषण आग ने नौ लोगों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे का सबसे खौफनाक मंजर सीढ़ियों पर देखने को मिला, जहां तीन लोगों के शव बुरी तरह जली हुई अवस्था में पाए गए।
गहरी नींद में थे लोग, चंद मिनटों में बनी ‘आग का गोला’ इमारत
हादसा उस वक्त हुआ जब इमारत में रहने वाले लोग गहरी नींद में सो रहे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, एयर कंडीशनर (AC) फटने के बाद आग ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं और लपटों के कारण लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय निवासियों ने बचाव की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
छत की ओर भागे थे लोग, लॉक दरवाजे ने ली जान
जांच में यह बात सामने आई है कि आग लगने के बाद नौ लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊपर की तरफ यानी छत की ओर भागे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही वे छत के करीब पहुंचे, वहां लगा दरवाजा लॉक (बंद) मिला। धुआं और आग की लपटें तेजी से ऊपर की ओर बढ़ीं और दरवाजा न खुलने के कारण लोग वहीं फंस गए।
दमकल कर्मियों को तीन लोगों के शव सीढ़ियों के दरवाजे के पास ही जली हुई हालत में मिले। अगर समय रहते छत का दरवाजा खुला होता, तो शायद ये लोग सुरक्षित बाहर निकल सकते थे।
दमकल की मशक्कत और मातम का माहौल
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक नौ जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन हादसे के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आपातकालीन निकास (Emergency Exit) के तौर पर इस्तेमाल होने वाले छत के दरवाजे को लॉक क्यों रखा गया था।
